एक नवोदित रचनाकार,मंच संचालक,कॅरियर विशेषज्ञ के साथ ही राज.शिक्षा विभाग में अंग्रेजी व्याख्याता के पद पर कार्यरत !
Friday, 14 October 2016
बुद्धं शरणं गच्छामि
पहले तुमने कहा-
वेद पढने की सजा है जीभ कटना
हम चुप रहे,
फिर तुमने कहा-
मंदिरों में प्रवेश वर्जित है तुम्हारा
हम चुप रहे,
अब तुम कहते हो-
नीची जात के हो तुम सब
अब हम चुप नही रहेंगें,
गूँजेगा समवेत स्वर-
'बुद्धं शरणं गच्छामि' |
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